‘दिशा बिल’ से मिलेगी रेपिस्टों को फांसी !

दिशा बिल _ socialaha.com

नई दिल्ली- महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और हिंसा के मालमों पर रोक लगाने के लिए आंध्र प्रदेश में दिशा बिल को पास कर दिया हैं। आंध्र प्रदेश विधानसभा शुक्रवार यानी आज इस बिल को पास किया। इसके साथ ही रेप के मामले में मौत की सजा का प्रावधान देने वाला आंध्र प्रदेश पहला राज्य बना।

बता दें कि नवंबर के आखिरी दिनों में हैदराबाद से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। जिसमें महिला डॉक्टर के साथ पहले दरिंदो ने गैंगरेप किया फिर हत्या कर उसके शव को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद से ही राज्य समेत पूरे देश में आक्रोश था। इसके बाद आंध्र प्रदेश ने यह कदम उठाया।

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दिशा बिल को आंध्र प्रदेश क्रिमिनल लॉ ऐक्ट 2019 भी कहा गया हैं। दिशा बिल के तहत रेप और गैंगरेप के अपराध के लिए ट्रायल को तेज किए जाने और 21 दिन के अंदर फैसला देने साथ ही मौत की सज़ा का प्रावधान हैं। इससे पहले बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में कैबिनेट ने दिशा बिल को पास किया था। मौजूदा कानून ऐसे मामलों में मुकदमा चलाने के लिए चार महीने का समय देता है।

इस बिल में रेप के मामलों में एफआईआर दर्ज होने के 21 दिन के अंदर ट्रायल पूरा होने के साथ-साथ मौत की सजा का प्रावधान है। बिल में आईपीसी की धारा 354 में संशोधन करके नई धारा 354 (ई) बनाई गई है। संशोधित कानून, ऐसे मामलों में जहां संज्ञान लेने लायक साक्ष्य उपलब्ध हों, जांच को सात दिनों में पूरी करने और अगले 14 दिनों में अदालत से मुकदमा चलाने का प्रावधान करता है ताकि 21 दिनों के भीतर सजा दी जा सके।

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आंध्र प्रदेश पहला राज्य हैं जहां रेप के मामले में सजा-ए-मौत का प्रावधान बनाया गया हैं। लेकिन जब आंध्र प्रदेश ऐसा बिल निकाल सकता हैं तो क्या दिल्ली समेत हर राज्य में ऐसा बिल नही बनाया सकता हैं। इस पर तो बस सरकारों को ही फैसला लेना हैं।

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