बाहरी दुश्मनों से पहले अपने दुश्मनों से लड़ने की जरुरत, DSP ने दिया देश को धोखा

DSP Davinder singh_socialaha.com

नई दिल्ली-  जब देश में ही देश के दुश्मनों मे शर्ण ले रखी है तो बाहर को दुश्मनों को बाहर निकल कर सरकार कर क्या लेगी। सही पढ़ रहे है आप अपने ही देश मे आतंकी घुसाने की तैयारी देश की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही कर रही है। दरअसल जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ देश के DSP दविंदर सिंह पकड़े गए।

DSP दविंदर सिंह को आतंकियों के साथ शनिवार को पकड़ा गया जिसके बाद इस मामले में नई नई जानकारी सामने आने लगी। अब एक और अहम जानकारी सामने आ रही। जानकारी के अनुसार आतंकियों और दविंदर सिंह के बीच 12 लाख की डील हुई थी। कश्मीर के कुलगाम में गिरफ्तार गिए गए देविंदर सिंह से इन दिनों पूछताछ चल रही है। इससे पहले ये भी कहा गया था कि इस पुलिस ऑफिसर का संसद हमले में फांसी पर चढ़ाए गए आतंकी अफजल गुरू से भी कनेक्शन था।

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खबरों के अनुसार कार में सवार आतंकियों के साथ DSP देविंदर सिंह ने 12 लाख रुपये की डील की थी। इसके बदले वो उन आतंकियों को सुरक्षित चंडीगढ़ पहुंचाने वाला था। ये भी कहा जा रहा है कि इस डील को पूरा करने के लिए दविंदर सिंह ने ऑफिस से चार दिनों की छुट्टी भी ली थी। इतना ही नहीं अखबार ने ये भी दावा किया है कि कुख्यात आतंकियों के लिए हथियारों की डील करवाने का जिम्मा भी DSP के पास ही था।

कहा जा रहा है कि DSP दविंदर सिंह के तार संसद हमले के दोषी अफजल गुरू से भी जुड़े थे। खबरों के मुताबिक साल 2004 में अफजल गुरू ने अपने वकील सुशील कुमार को एक चिट्ठी लिखी थी। जिसमें दावा किया गया था कि दविंदर ने उन्हें मोहम्मद नाम के एक शख्स को दिल्ली में किराए पर घर और कार खरीद कर देने को कहा था। मोहम्मद भी संसद पर हमले में शामिल था। जबकि अफजल गुरू को 9 फरवरी 2013 को फांसी दे दी गई थी।

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DSP दविंदर सिंह इन दिनों श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात थे। इससे पहले वो जम्मू-कश्मीर पुलिस में एंटी हाईजैकिंग के सदस्य थे। इसके अलावा ये पुलिस ऑफिसर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में इंस्पेक्टर रहे हैं। सफल एंटी-टेरर ऑपरेशन के बाद उन्हें DSP बनाया गया था। पिछले साल उन्हें 15 अगस्त को राष्ट्रपति से मेडल भी मिला था।

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