रील लाइफ से रियल लाइफ में देखने को मिला भारत फिल्म का इमोशनल सीन

भारत फिल्म

नई दिल्ली- भारत फिल्म तो आप सब ने देखी ही होगी उसमे सबसे इमोशनल सीन जो मुझे लगा वो था जब भारत यानी की सलमान खान एक मीडिया प्रोग्राम मे अपनी बहन से जब मिलते है। आप सोच रहें की हम आज यह फिल्म भारत की बात क्यों कर रहें है तो बता दें कि फिल्म का इमोशनल सीन रियल लाइफ मे भी देखने को मिला।

अपने फिल्म देखी होगी तो उसमे देखा होगा कि कैसे सलमान खान कई सालों तक अपने पिता और बहन का इंतजार करते है आखिर मे आकर सलमान को अपनी बहन मिल जाती है। फिल्म की पुरी कहानी आज हमारे सामने है।

साल 1947 में कश्मीर में कबायली हमला हुआ था। इस हमले के दौरान कई परिवार बिछड़ गए। इन परिवार मे एक परिवार के कुछ लोग भारत की तरफ रह गए जबकि कुछ लोग पाक अधिकृत कश्मीर नी की PoK में बस गए। अब 72 साल उस हमले में बिछड़े भाई-बहन एक-दूसरे से वॉट्सऐप की मदद से मिले हैं।

यह भी पढ़ें- भारतीय सिनेमा के यह कलाकार बन गए ‘अभिनय सम्राट’

रणजीत सिंह राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहते हैं वहीं, उनकी बहन भज्जो यानी की शकीना PoK में रह रही हैं। इन दोनों की मुलाकात श्रीगंगानगर के हरपाल सिंह सूदन, PoK में रहने वाले ज़ुबेर और पुंछ में रहने वाली रोली शर्मा की वजह से हो पाई। ये तीनों एक वॉट्सऐप ग्रुप चलाते हैं। ये ग्रुप बिछड़े लोगों को मिलाने का काम करता है।

हरपाल सिंह ने बताया की कुछ समय पहले रणजीत बाबा उन्हें अपनी बहन के बारे में बताया था फिर उन्होंने रणजीत बाबा को बताया की एक वॉट्सऐप ग्रुप है जहां कश्मीर के पुंछ और PoK में रहने वाले लोग शामिल हैं। इसके बात रणजीत बाबा ने बताया कि 1947 में वे अपनी बहन से पुंछ में बिछड़ गए थे। तब उनकी बहन 4 साल की रही होगी।

वो लंबरदार मतवालसिंह के परिवार से आते हैं। जिसके बाद उन्होंने रणजीत से उनकी बहन के बारे में सारी जनकारी ली और उस ग्रुप पर पोस्ट कर दी। इसके बाद वहां के लोगों ने पता लगाना शुरू किया। PoK के रहने वाले जुबेर ने रणजीत के बहन भज्जो का पता लगा लिया। जुबेर ने बताया कि भज्जो को वहां लोग शकीना के नाम से जानते हैं.

यह भी पढ़ें- ‘उन्होंने मेरी सूरत बदली है मेरा मन नहीं’- दीपिका के इस डायलॉग ने जीता लोगों का दिल

जब रणजीत और उनकी भज्जो ने एक दूसरे को पहचान लिया तो फिर वीडियो कॉलिंग की। हालचाल जाना. रणजीत सिंह का कहना है कि अब करतारपुर कॉरिडोर के जरिए वह अपनी बहन से मिल सकेंगे। उम्मीद करता हूं कि यह जल्दी ही हो जाएगाय़

कबायली हमले के बाद भारत सरकार ने करीब 500 विस्थापित परिवारों को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में बसाया था। अभी करीब 367 परिवारों के लोग यहां रहते हैं। अन्य परिवारों के लोग काम की तलाश में दूसरे शहरों में जाकर बस गए।

दिला दी ना इस कहानी ने भारत फिल्म की याद। कुछ ऐसा ही फिल्म में भी दिखाया गया। इसमे सबसे बड़ा काम श्रीगंगानगर के हरपाल सिंह सूदन, PoK में रहने वाले ज़ुबेर और पुंछ में रहने वाली रोली शर्मा कर रहें है इन तीनों की वजह से ही बिछड़े परिवार जो मिलना चाहते है वो मिल पा रहें है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *