Standard layout


Perfect for most of the websites you could need, with lots of categories and examples laid out.


VIEW NOW


Sport Portal


If you’re a sport editor, or just a sport person then this example could fit you perfectly.


VIEW NOW


News Portal


Perfect for most of the websites you could need, with lots of categories and examples laid out.


VIEW NOW


Magazine Portal


If you prefer flashy colors, a bit magazine-like layout, then this example is perfect for you.


VIEW NOW


l.k.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min430

नई दिल्ली: पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग महंगाई की मार झेल रहें हैं। पाकिस्तान में टमाटर के दामों ने लोगों को परेशान कर रखा हैं तो वहीं बांग्लादेश के लोग प्याज खाने को तरस रहे हैं। पाकिस्तान में टमाटर मंहगा होने पर वहां के हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों ने टमाटर खाना बंद कर दिया हैं। बता दें कि पाकिस्तान में टमाटर का दाम 300 रुपये किलो हो गया हैं।

व्यापारियों को टमाटर पहले 240 रुपये प्रति किलो मिल रहा था जो अब कम होकर 200 रुपये प्रति किलो हो गया हैं। वहां के लोग अब जरूरत के हिसाब से एक या दो टमाटर खरीद रहें हैं। पाकिस्तान में 250 ग्राम टमाटर 80 रुपये का बिक रहा हैं। जानकारी के अनुसार ना सिर्फ टमाटर बल्कि पाकिस्तान में प्याज का दाम भी बढ़ा है। विक्रेता एक किलो प्याज 90 से 100 रुपये में बेच रहे हैं। जबकि पहले यह 80 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा था। प्याज का खुदरा दाम 70 रुपये प्रति किलो है।

यह भी पढ़ें-फिल्मों के जादूगर और सिनेमा जगत का ‘पितामह’ कहा जाता है उन्हें

वहीं अब हम प्याज की बात पर आ ही गए हैं तो बता दें कि बांग्लादेश में प्यार ने आंखो में आसू लाना शुरू कर दिया हैं और यहां आंख में आसू बिना प्याज काटे आ रहें हैं। जी हां बांग्लादेश में प्याज के दाम आसमान छू रहें हैं। आप ये जानकर हैरान होंगे कि बांग्लादेश में एक किलो प्याज के लिए लोग 260 टका यानी 220 रुपये चुका रहे हैं। वहीं भारत में एक किलो प्याज का दाम 60 – 70 रुपये के बीच है। आमतौर पर बांग्लादेश में एक किलो प्याज 30 टका यानी करीब 26 रुपये का मिलता था। यानी अब प्याज का दाम 10 गुना बढ़ गया है।

इसलिए बांग्लादेश की सरकार ने हवाई जहाज से तुरंत प्याज आयात करने का फैसला किया है। यहां प्याज का कितना संकट है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मैन्यू से प्याज को हटा दिया है। हसीना ने प्याज खाना बंद कर दिया है।

यह भी पढ़ें- रिलीज हो गया फिल्म मलंग का शानदार फर्स्ट लुक

इस परेशानी को देखते हुए हवाई जहाज से जल्द बांग्लादेश में प्याज लाया जाएगा। बता दें कि बांग्लादेश मे प्याज की कमी भारत तरफ से निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध की वजह से हुई है। भारत ने ज्यादा बारिश की वजह से प्याज की फसल खराब होने के बाद सितंबर के आखिरी महीने में प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी थी।

वहीं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने आवास में बने किसी भी खाने में प्याज का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी हैं। प्याज की कमी की वजह से इसके दाम लोगों को रूला रहें है। पड़ोसी देश में प्याज बढ़ने की वजग भारत है। भारत रके निर्यात के रोक जाने से ही बांग्लादेश को इस परेशानी का समाना करना पड़ रहा हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान की हालत भी खराब हो रही हैं।


yXVx6R3_.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min450

नई दिल्ली: दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों के लिए कुछ ना कुछ मुफ्त योजना शुरू कर रहें हैं। दिल्ली में बिजली, पानी, महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के बाद अब मुख्यमंत्री ने मुफ्त सीवर योजना की भी शुरूआत कर दी हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा की दिल्ली के जिन इलाकों मे सीवर लाइन हैं और वहां लोगों ने कनेक्शन नही लिया है उनको 31 मार्च तक का समय दिया जा रहा हैं ताकि वो सीवर लाइन का कनेक्शन ले लें साथ ही उन्होंने कहा की सीवर लाइन लेने का 31 मार्च तक कोई चार्च नही लिया जाएगा।


बता दें कि सीवर लाइन के लिए अप्लाई करने वाले लोगों से डवलपमेंट, कनेक्शन और रोड कटिंग चार्ज नही लिया जाएगा। खुद से सीवर लाइन लगाने में लोगों की अच्छी खासी जेब ढीली हो जाती हैं मान लें अगर आप 100 मीटर के हिसाब से देखे तो एक व्यक्ति पर सीवर लाइन लगाने का खर्च 10 से 15 हजार रुपये का आता हैं। आम आदमी के लिए बुहत बड़ी रकम हैं। बता दें कि इस योजना के शुरू होने के बाद करीब 2लाख 34लाख लोगों का फायदा होगा।

इसे पहले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सेप्टिक टैंक मुख्यमंत्री योजना की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली में सेप्टिक टैंक में उतरकर अब किसकी मौत नहीं होगी और इससे दिल्ली व यमुना को साफ होगी। उन्होंने कहा है कि अभी तक जो भी स्पिटक टैंक साफ करते थे वो बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के लोगों को उसमें उतर देते थे। इतना ही नहीं मलबा निकालकर उसे नाले में डाल देते थे जिससे दिल्ली में और यमुना गंदी हो जाती है।


‘सेप्टिक टैंक सफाई योजना’ में सेप्टिक टैंक की फ्री में सफाई होगी। केजरीवाल नें कहा कि इसके लिए अगले महीने टेंडर निकाला जाएगा। जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा वह अपने 80 ट्रैक लगाएगी। कोई भी फोन करके सेप्टिक टैंक साफ करने की मांग कर सकता है। फिर उस शख्स को वो उसके हिसाब से समय दिया जाएगा।

कंपनी सेप्टिक टैंक से मलबा उठाकर एसटीबी प्लांट में ले जाएगी। इस तरह से ऑथराइजड और लीगल तरीके से काम होगा और यह दिल्ली की सफाई की दिशा में बड़ा कदम होगा।साथ ही यह यमुना की सफाई में बड़ा कदम होगा। उन्होंने कहा कि इससे सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली की कच्ची कलोनियों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। ऐसी मुफ्त योजना शुरू करने के पीछे केजरीवाल की योजना विधानसभा में जीत हासिल करने के लिए कर रहे हैं। देखना अब यह होगा की दिल्ली की जनता केजरीवाल की योजनाओं को कितना पंसद कर रही हैं।


cfdsaf.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min390

नई दिल्ली: हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपने सिरदर्द, बहती नाक, छींक आना, हल्का बुखार जैसी दिक्कतों को हल्के में लेते हैं और उसके इलाज के बारे में भी नहीं सोचते। लेकिन ये लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा करते हैं जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आपके लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं आखिर क्यों आपको सिरदर्द को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सिरदर्द भी कुछ गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकता है।

कई बार ज्यादा सोने से भी हो जाता है सिरदर्द

ब्लड क्लॉट
कई बार ब्रेन में अगर किसी तरह का ब्लड क्लॉट बन जाए तो उस वजह से भी हेडएक यानी सिरदर्द होने लगता है। अगर आपको कभी-कभार बहुत गंभीर सिरदर्द होने लगता है और दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाए तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर समय रहते इलाज न हो तो ये ब्लड क्लॉट स्ट्रोक में परिवर्तित हो सकते हैं जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।

ऑप्टिक न्यूराइटिस
अगर आंखों के पीछे वाले सिर के हिस्से में दर्द हो रहा तो यह ऑप्टिक न्यूराइटिस का लक्षण हो सकता है। इसमें ब्रेन से आंखों तक जानकारी पहुंचाने वाली नसों को नुकसान पहुंचता है जिस वजह से देखने में दिक्कत होती है और कई बार विजिन लॉस भी हो सकता है।

माइग्रेन या ट्यूमर
लंबे समय तक सिरदर्द की समस्या है तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। यह माइग्रेन, ट्यूमर या नर्वस सिस्टम से जुड़ी दूसरी बीमारी भी हो सकती है। कभी-कभी ज्यादा दिनों तक सिरदर्द से संवेदी अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। सिरदर्द को लेकर भ्रम की स्थिति में कतई न रहें।
तो सिरदर्द से बचने के लिए रखें हमारें बताएं सकेंतो का ध्यान रखें।

श्वेता शर्मा


garlic.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min190

नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम शुरु होते ही सर्दी-जुकाम होना शुरु हो जाता है. ऐसे में दवाईयों को सेवन करना हमारी सेहत के लिए और भी घातक हो जाता है। लेकिन अगर आप सर्दियों में अपनी सेहत का खयाल रखना चाहते हैं तो घरेलू चीजों से भी अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं। इसके लिए सबसे अच्छा है लहसुन का सेवन करना।

लहसुन का सेवन करने से न सिर्फ सुंदरता बढ़ाती है बल्कि इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है। दरअसल, लहसुन में कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह तत्व, विटामिन सी का बड़ा भंडार मिलता है। साथ ही, कुछ मात्रा में विटामिन बी कॉम्पलेक्स भी इससे मिलता है.

यह भी पढ़ें- अगर आपको भी आलू है पसंद तो हो जाएं सावधान

पुराने समय में मिस्र के लोग सेहत को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए रोज लहसुन खाया करते थे। आज के शोधकर्ता भी इस बात से सहमत हैं कि लहसुन बड़े स्तर पर एक एंटीबायोटिक का काम करता है। यह बैक्टीरिया-रोधी, फफूंद-रोधी, परजीवी-रोधी व वायरस-रोधी है। आइए जानते हैं कि लहसुन को अपने आहार में शामिल करने के क्या फायदे हैं। दिल संबंधी तंत्र के लिए लहसुन जादुई काम करता है। रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में यह खास प्रभावकारी है। लहसुन सीने की जकड़न में और सर्दी-जुकाम से राहत देने में असरदार रहता है। यह सीने की अन्य समस्याओं में भी राहत देता है।

लहसुन में  है ट्यूमर-रोधी गुण

पशुओं पर किए गए कई प्रयोगों में यह बात सामने आई है कि लहसुन में ट्यूमर-रोधी गुण भी होते हैं। ब्रेस्ट कैंसर के संदर्भ में चूहों पर हुए प्रयोगों में पाया गया कि उन्हें ताजे लहसुन से अपने कैंसर से लड़ने में मदद मिली। लहसुन का उपयोग नपुंसकता और यौन कमजोरी आदि के इलाज में भी किया जाता है। स्पेन और इटली में पारंपरिक रूप से लहसुन का बड़े स्तर पर आहार में प्रयोग होता रहा है। संभवत: इसी संदर्भ में यह इन देशों में लोकप्रिय हुआ।

क्या लहसुन का तेल, उसके कैप्सूल, उसकी गोलियां आदि ताजा लहसुन की तुलना में बेहतर होती हैं? कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ये भी असरदार होते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि उनमें ‘एक्टिव गार्लिक कंपाउंड्स’की मात्रा बहुत कम या ना के बराबर ही रह जाती है।
यह भी पढ़ें- पानी पुरी के फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

बैक्टीरिया को खत्म करता है लहसुन

हालांकि हर हाल में ताजा लहसुन का इस्तेमाल करना अच्छा होता है, क्योंकि यह बैक्टीरिया को खत्म करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। माना जाता है कि कच्चा लहसुन रक्त की तरलता बनाए रखता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी ठीक रखता है। यह रक्तदाब कम करने में भी फायदा करता है। लहसुन दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

लहसुन खाने के बाद मुंह से आने वाली उसकी तीखी गंध से छुटकारा पाना है, तो आमतौर पर कॉफी, शहद, दही, दूध या लौंग खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन कुछ का मानना है कि पार्सले खा सकते हैं, क्योंकि इसमें पाया जाने वाला क्लोरोफिल लहसुन की गंध को कम करने में कारगर होता है पेपरमिंट या चुइंगम भी आजमा सकते हैं. इलायची भी असरदार रहेगी।

बीते 5,000 सालों से लहसुन को बतौर एंटीसेप्टिक, वात-रोधी तत्व के तौर पर उपयोग किया जा रहा है। यहां तक कि बाल उगाने में भी इसे असरदार माना जाता है। तीखी गंध वाला लहसुन आथ्र्राइटिस, ड्रॉप्सी, इंफ्लुएंजा और टीबी से लेकर कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होता रहा है। कुछ लोग स्वस्थ रहने के लिए रोज लहसुन की एक कली खाने की सलाह देते हैं।

श्वेता शर्मा


fwe.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min350

नई दिल्ली: आदित्य रॉय कपूर और दिशा पटानी की फिल्म मलंग का फर्स्ट लुक रिलीज हो चुका है। रिलीज हुए फिल्म के फर्स्ट लुक में आदित्य रॉय कपूर बेहद हॉट एंड सेक्सी दिख रहे हैं तो वहींदिशा पाटनी भी अपनी अदाओं से किसी को भी घायल कर देने के लिए बिल्कुल तैयार दिख रही है। मोहित सूरी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को मेकर्स साल 2020 के वैलेंटाइन डे यानी कि 14 फरवरी को रिलीज करने वाले है। कुछ दिनों ही पहले इस फिल्म की शूटिंग पूरी हुई थी। अब फिल्म के इस धमाकेदार फर्स्ट लुक को देख आपको इसके ट्रेलर का इंतजार बढ़ जाने वाला है।

यह भी पढ़ें- आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का पहला लुक आया सामने

मस्ती में चूर आदित्यदिशा

बीते दिन बॉलीवुड स्टार आदित्य रॉय कपू का जन्मदिन था। उनके बर्थडे की शाम को और भी रंगीन बनाने के लिए मेकर्स ने इस फिल्म से उनका फर्स्ट लुक रिलीज कर दिया है। जारी किए गए इस फर्स्ट लुक में आदित्य रॉय कपूर और दिशा पाटनी गोवा की मस्ती में चूर दिख रहे है।

इस फिल्म को भूषण कुमार प्रोड्यूस कर रहे हैं जबकि उनके साथकृष्ण कुमारलव रंजनअंकुर गर्ग और जय शेवाकृमानी इसके को-प्रोड्यूसर है। इस फिल्म में पहली बार दिशा पाटनी और आदित्य रॉय कपूर साथ काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें-फिल्म ‘मरजावां’ रिव्यू: कलाकारों की अदाकारी की तारीफ करना होगी बेईमानी !

साल 2020 एक्ट्रेस दिशा पाटनी के लिए खास होने वाला है। इस साल की शुरुआत जहां उनकी आदित्य रॉय कपूर स्टारर फिल्म मलंग रिलीज होनी है। तो वहींवो सलमान खान के साथ फिल्म राधे-यॉर मोस्ट वॉन्टेड भाई में दिखने वाली है। इस फिल्म में वो एक जबरदस्त डांस नंबर करने वाली है। जिसकी तैयारी इन दिनों जोरों पर है। इस फिल्म को प्रभुदेवा निर्देशित करने वाले है।

श्वेता शर्मा 


dff.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min290

नई दिल्ली: साल में एक बार सुपरहिट फिल्म लाने वाले आमिर खान की आने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का पहला लुक सामने आ चुका हैं। ‘लाल सिंह चड्ढा’ के पहले लुक में आमिर सरदार जी के लुक में नज़र आ रहे है और वो बेहद क्यूट लग रहे है। हर बार आमिर अपनी फिल्म में अलग अलग लुक के साथ सामने आते हैं। अपने लुक से वो हर बार लोगों का दिल जीते हैं। साथ ही आमिर खान को अपनी फिल्मों में अलग-अलग लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए जाना जाता है इस बार भी आमिर सरदार जी के लुक में बहुत अच्छे लग रहे हैं.

फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का पहला लुक आमिर खान ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया। आमिर खान ने लिखा, ‘सत श्री अकाल जी, मैं लाल… लाल सिंह चड्ढा.’ फैंस को आमिर खान का ये लुक बहुत पसंद आ रहा है और वे कमेंट कर उन्हें बधाई भी दे रहे हैं।
यह भी पढ़े-फिल्मों के जादूगर और सिनेमा जगत का ‘पितामह’ कहा जाता है उन्हें

बता दें कि फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में आमिर खान के साथ करीना कपूर नजर आएंगी। आमिर खान और करीना कपूर लगभग 9साल बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर नजर आने वाले हैं। इस पहले दर्शको ने इन दोनों की जोड़ी को 3 इडियट्स और तलाश जैसी फिल्मों में साथ देखा है। हाल ही में चंडीगढ़ में फिल्म लाल सिंह चड्ढा के फर्स्ट शेड्यूल की शूटिंग शुरू की गई है। इसी दौरान सेट से दोनों के लुक की फोटोज भी सामने आई थीं।
यह भी पढ़ें-रानू मंडल अपने मेकअप के लिए हुई ट्रोल, लोगों ने उड़ाया जमकर मज़ाक

साथ ही बता दें कि फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’, 1994 में आई रॉबर्ट जेमेकिस की ऑस्कर विनिंग फिल्म ‘फॉरेस्ट गम्प’ का रीमेक है, जिसमें टॉम हैंक्स और रॉबिन राइट लीड रोल में थे। लाल सिंह चड्ढा, क्रिसमस 2020 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अद्वैत चंदन द्वारा निर्देशित और अतुल कुलकर्णी द्वारा लिखित इस फिल्म को वायाकॉम18 मोशन पिक्चर्स के साथ मिलकर आमिर प्रोड्यूस कर रहे हैं।


IMG_20191118_123654.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20191min370

नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद भाजपा से पड़ी दरार के बाद अब केंद्र की राजनीति और संसद में शिवसेना की हैसियत बदल गई है | आज से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में शिवसेना ने भी केंद्र की मोदी सरकार को यह एहसास करा दिया कि अब हम विपक्ष में है | अभी तक शिवसेना के राज्यसभा-लोकसभा के सांसद सत्ता पक्ष के साथ संसद में बैठे नजर आते थे | हालांकि शिवसेना एनडीए घटक दलों में रहने के बावजूद भी कई मुद्दों पर मोदी सरकार का विरोध करती रही है | लेकिन आज से संसद के सत्र में वह केंद्र सरकार के विरोध में खुलकर सामने आ गई है | संसद के शीतकालीन सत्र के लिए शिवसेना के सांसदों की कुर्सी विपक्षी नेताओं के साथ यानी (पीछे वाली पंक्ति में ) दिखाई दी |

राज्यसभा और लोकसभा में शिवसेना के 21 सांसद हैं

शिवसेना के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत अभी राज्यसभा में सत्ता पक्ष की तरफ 38 नंबर की सीट पर बैठते थे | लेकिन अब राज्यसभा में विपक्षी नेताओं के साथ पीछे वाली पंक्ति में बैठेंगे |
ऐसे ही शिवसेना के दो अन्य राज्यसभा सांसदों की कुर्सी भी संजय राउत के आसपास रहेगी | वहीं लोकसभा में शिवसेना के 18 सांसदों का सीटिंग अरेंजमेंट भी विपक्षी कतार में किया है | उन्हें भी पांचवीं कतार में कुर्सी मिलेगी | गौरतलब है कि शिवसेना राज्यसभा और लोकसभा सदस्यों की संख्या 21 है |

एनडीए की बैठक में शामिल होने का अधिकार भी नहीं दिया था

संसद सत्र शुरू होने से पहले एनडीए की बैठक होती है | उसमें सभी घटक दल शामिल होते हैं | रविवार को हुई एनडीए की बैठक में भाजपा ने शिवसेना को नहीं बुलाया | सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है | एनडीए की बैठक में शिवसेना को न शामिल किए जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि एनडीए घटक दलों की कल बैठक हुई है |
लेकिन महाराष्ट्र में जिस तरह के घटनाक्रम चल रहे हैं उसको देखते हुए हमने एनडीए की बैठक में न जाने का फैसला किया था |
आपको बता दें कि मोदी सरकार में शिवसेना कोटे के एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था |
महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी से नाता तोड़ कांग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बनाने की कोशिश में लगी हुई है |

शिवसेना ने संसद के बाहर किसानों के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ किया प्रदर्शन

जब केंद्र सरकार ने शिवसेना को विपक्ष होने का एहसास करा दिया है तो शिवसेना भी कहां पीछे रहने वाली है | संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही किसानों के मुद्दे पर शिवसेना के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष वाले आक्रामक तेवर अपनाए | महाराष्ट्र में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही जंग का असर अब दिल्ली में भी दिखाई देगा |
जो शिवसेना पहले एनडीए का हिस्सा होकर मोदी सरकार का विरोध करती थी, अब वह औपचारिक रूप से विपक्ष का हिस्सा बन गई है | जिसका असर सोमवार को दिखाई दिया | शिवसेना ने पहले लोकसभा में किसानों के मामले में स्थगन प्रस्ताव दिया और संसद भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन भी किया | शिवसेना की मांग है कि जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उन्हें 25 हजार प्रति हेक्टेयर रुपये का मुआवजा दिया जाए, जबकि अभी ये राशि मात्र आठ हजार रुपये तक है |

संसद सत्र के दौरान कांग्रेस के साथ कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरेगी शिवसेना

शीतकालीन सत्र में केंद्र की मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है | कई मुद्दों पर कांग्रेस मोदी सरकार पर हल्ला बोलने की तैयारी कर रही है | सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब शिवसेना विपक्ष की भूमिका में है | ऐसे में वह कांग्रेस के साथ हल्ला बोलने में शामिल हो सकती है | गौरतलब है कि समूचे विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दाें के अलावा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 फिर सरकार से जवाब मांगेगा | वहीं गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस पार्टी समेत विपक्ष सरकार को घेरेगी |

शंभू नाथ गौतम


cji-3.jpg

SocialahaNovember 18, 20191min550

नई दिल्ली: न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे सोमवार को देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पद की शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें चीफ जस्टिस पद की शपथ दिलाई। उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसलों में अहम भूमिका निभाई और हाल ही में अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने के फैसले में भी वह शामिल रहे हैं।

63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबडे मौजूदा सीजेआई  रंजन गोगोई का स्थान लेंगे।  माना जा रहा है कि उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति या उनके नाम को खारिज करने संबंधी कोलेजियम के फैसलों का खुलासा करने के मामले में वह पारंपरिक दृष्टिकोण अपनाएंगे। इस मौके पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कैबिनेट मंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। शपथ लेने के बाद जस्टिस बोबड़े ने अपनी मां का आशीर्वाद लिया।

जस्टिस बोबडे का जन्म 24 अप्रैल 1956 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से ही कानून की डिग्री ली। वे 2000 में बॉम्बे हाइकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। फिर 2012 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला। अप्रैल 2013 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति दी गई। जस्टिस बोबडे पूर्व सीजेआई गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए बनी समिति में शामिल थे।

CJI Bobde, जस्टिस बोबडे - socialaha
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम के साथ जस्टिस बोबडे

जस्टिस बोबडे को बाइक चलाने का  शौक

जस्टिस बोबडे के करीबी लोग बताते हैं कि वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं। उन्हें बाइक राइडिंग  और डॉग्स बहुत पसंद हैं। वह खाली समय में किताबें पढ़ना पसंद करते  है। वे घर पर बहुत साधारण से रहते हैं और उनकी यही सादगी हर जगह देखने को मिलती है। जस्टिस बोबड़े का बेहद साधारण खाना खाना पंसद है ।

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई का कार्यकाल 13 महीने 15 दिन का रहा

पूर्व चीफ जस्टिस गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को 46वें मुख्य न्यायाधीश पद के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 13 महीने 15 दिन का रहा। जस्टिस गोगोई ने अपने कार्यकाल में कामाख्या देवी के दर्शन के लिए दो बार गए। उन्होंने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया। राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज की। चीफ जस्टिस को आरटीआई के दायरे में शामिल किया ।

CJI Bobde, जस्टिस बोबडे - socialaha
राष्ट्रपति कोविंद और जस्टिस बोबडे

सीजेआई गोगोई पर लगा था गंभीर आरोप

जस्टिस बोबड़े ने उस तीन सदस्यीय इन हाउस जांच समिति की अध्यक्षता की थी, जिसने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर एक महिलाकर्मी द्वारा लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच की। समिति ने पूर्व चीफ जस्टिस गोगोई को क्लीन चिट दी थी। समिति में जस्टिस बोबड़े के अलावा दो महिला जज जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस इंदु मल्होत्रा भी शामिल थीं।

यह भी पढ़ें- श्रीलंका के नए राष्ट्रपति से भारत रखना चाहता है अच्छे संबंध

बोबड़े ने दिए कई बड़े फैसले

जस्टिस बोबडे ने अयोध्या  फैसले से लेकर  और भी कई महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला देने वाली पीठ का हिस्सा रह चुके हैं। परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर एक समिति बनाई थी और  भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं न हों इसके  लिए उन्होंने चिंता भी जाहिर की थी । फिलहाल समिति इस पर अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति या उनके नाम को खारिज करने संबंधी कॉलेजियम के फैसलों का खुलासा करने के मामले में वह पारंपरिक दृष्टिकोण अपनाएंगे।


IMG_20191118_104215.jpg

Sonu SharmaNovember 18, 20192min400

वी शांताराम के जन्मदिन पर विशेष

नई दिल्ली: वह केवल डायरेक्टर ही नहीं बल्कि, एक्टर, एडिटर और फिल्म प्रोड्यूसर जैसे हर काम में माहिर थे | कई प्रतिभाओं के जानकार थे वह | उन्होंने अपने जीवन के 60 साल फिल्मों के लिए समर्पित किए | उन्होंने फिल्म निर्माण की नई शैली को विकसित किया | फिल्म बनाने के जादूगर और उन्हें सिनेमा जगत का ‘पितामह’ कहा जाता है | आज हम आपको बताने जा रहे हैं वी शांताराम के बारे में | आज उनका 118वां जन्मदिन है | फिल्मों की हर विधा में माहिर वी शांताराम का जन्म 18 नवंबर 1901 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मराठी परिवार में हुआ था | आज हम आपको इन्हीं महान एक्टर और डायरेक्टर के फिल्मी सफर के बारे में बताएंगे |

वी शांताराम का बचपन से ही रुझान फिल्मों की ओर था

वी शांताराम का मूल नाम राजाराम वानकुदरे शांताराम था | आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी | उनका रुझान बचपन से ही फिल्मों की ओर था और वे फिल्मकार बनना चाहते थे | वर्ष 1920 के शुरुआती दौर में वी शांताराम बाबू राव पेंटर की महाराष्ट्र फिल्म कंपनी से जुड़ गए और उनसे फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं | उसके बाद शांताराम ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1921 में आई मूक फिल्म ‘सुरेख हरण’ से की थी | इस फिल्म में उन्हें बतौर अभिनेता काम करने का मौका मिला था | वी शांताराम ने अभिनेता के तौर पर लगभग 25 फिल्मों में काम किया है. इनमें ‘सवकारी पाश’, ‘परछाईं’, ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘स्त्री’ और ‘सिंहगड़’ जैसी फिल्में शामिल हैं |
यह भी पढ़ें- जन्मदिन विशेष- खिलाड़ी से भी ज्यादा कोच के रूप में मशहूर होकर बन गए ‘गुरु गोपी’

1927 में फिल्म निर्देशन की यात्रा शुरू की

शांताराम ने 1927 में अपनी पहली फिल्म डायरेक्ट की थी | इस फिल्म का नाम ‘नेताजी पालकर’ है | वह कई प्रतिभाओं में माहिर थे और उन्होंने फिल्म निर्माण की नई शैली को विकसित किया | उन्हें सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर अर्थपूर्ण फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है |

birthday-special-v-shantaram
birthday-special-v-shantaram

1929 में प्रभात कंपनी की स्थापना की

वर्ष 1929 में शांताराम ने ‘प्रभात कंपनी फिल्मस’ की स्थापना की | प्रभात फिल्म्स का नाम उन्होंने अपने बेटे प्रभात के नाम पर रखा था | इस बैनर पर वी शांताराम ने करीब आधा दर्जन फिल्में बनाईं | जिनमें ‘अयोध्या के राजा’ प्रमुख रही | ‘अमृत मंथन’ को भी दर्शकों ने काफी सराहा | शांताराम को इन्हीं फिल्मों में पहली बार ‘क्लोज-अप’ का इस्तेमाल किया था | उन्होंने 1933 में पहली रंगीन हिंदी फिल्म बनाई थी | वहीं हिंदी फिल्मों में मूवींग शॉट्स और ट्रोली का भी सबसे पहले उन्होंने ही इस्तेमाल किया था | साथ ही एनिमेशन का प्रयोग भी उन्होंने ही शुरू किया था |

छह दशक तक फिल्माें पर राज किया

शांताराम ने अपने छह दशक लंबे फिल्मी करियर में लगभग 92 फिल्में प्रोड्यूस की और लगभग 55 फिल्मों में निर्देशक के तौर पर काम किया | उनकी ‘डॉ. कोटनिस की अमर कहानी’ (1946), ‘अमर भोपाली’ (1951), ‘झनक झनक पायल बाजे’ (1955), ‘दो आंखें बारह हाथ’ (1957), ‘नवरंग’ (1959) और ‘पिंजरा’ (1972) ऐतिहासिक फिल्में रहीं | जिन्हें सिनेमा दर्शक आज भी नहीं भूले हैं |
यह भी पढ़ें- जन्मदिन विशेष: शोले का ‘गब्बर सिंह’ हिंदी सिनेमा के लिए आज भी लकीर बना हुआ है

‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’ आज भी लोकप्रिय

वी शांताराम की फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ सिनेमा दर्शकों में आज भी लोकप्रिय है | इस फिल्म का गाना ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम ऐसे हो हमारे करम’ आज भी खूब सुना और गाया जाता है | यहां हम आपको एक और जानकारी देना चाहेंगे कि दो आंखे बारह हाथ की शूटिंग के दौरान वी शांताराम को आंख में गंभीर चोट भी लगी थी | इस बात का खतरा था कि शांताराम की आंखों की रोशनी चली जाएगी, लेकिन भगवान की दुआ से उनकी आंखों की रोशनी बची रही | उसके बाद फिर उन्होंने फिल्मों में निर्देशन शुरू कर दिया था | ये कमाल वी शांताराम ही कर सकते थे कि उनकी अगली फिल्म जब बनकर तैयार होती थी तब तक उनकी पिछली फिल्म हॉल में लगी रहती थी |

अभिनेता जितेंद्र को भी लॉन्च किया था

वी शांताराम ने ‘गीत गाया पत्थरों ने’ बनाई | इस फिल्म के साथ ही अभिनेता जितेंद्र ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी | इस फिल्म में शांताराम ने अपनी बेटी राजश्री को भी लॉन्च किया था | राजश्री वी शांताराम की दूसरी पत्नी जयश्री से उनकी औलाद थीं | इससे पहले उन्होंने विमलाबाई से विवाह किया था | इस फिल्म एक गाना ‘गीत गाया पत्थरों ने’ बहुत ही लोकप्रिय हुआ था | इसके अलावा सेहरा फिल्म का संगीत खूब पसंद किया गया | फिल्म के लगभग सभी गाने खूब चले | हसरत जयपुरी के लिखे गीत ‘पंख होते तो उड़ आती रे रसिया ओ बालमा’, ‘तकदीर का फसाना’ और ‘तुम तो प्यार हो सजनी’ को लोगों ने खास तौर पर खूब सराहा गया |

70 के दशक में शांताराम की फिल्मों का जादू फीका पड़ने लगा

70 के दशक में वी शांताराम का जादू फीका पड़ने लगा था | समाज ने उनकी फिल्मों को वो प्यार नहीं दिया जो उन्हें मिला करता था | वो लगभग फिल्मों से दूर हो चुके थे |1987 में उन्होंने ‘झांझर’ नाम की एक फिल्म सिर्फ इसलिए बनाई क्योंकि उन्होंने अपने नाती सुशांत रे से वायदा किया था वो उसे फिल्मों में लॉन्च करेंगे | इस फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे ने भी अभिनय किया था | लंबे फिल्मी जीवन चक्र में वी शांताराम ने तमाम बड़े पुरस्कार हासिल किए | दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले महान फिल्मकार वी शांताराम का 88 वर्ष की आयु में 30 अक्टूबर 1990 में निधन हो गया | सही मायने में वह फिल्मों के जादूगर थे, उनकी भरपाई कोई नहीं कर पाया |

दादा साहेब फाल्के और पद्मविभूषण से किए गए थे सम्मानित

नेशनल फिल्म अवॉर्ड उसके बाद फिल्मों के लिए सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहब फाल्के’ पुरस्कार से भी शांताराम को सम्मानित किया गया था | उनके निधन के दाे साल बाद देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से भारत सरकार ने उन्हें सम्मानित किया था |

शंभू नाथ गौतम