‘डॉक्टर बम’ हुए लापता, 50 से ज्यादा ब्लास्ट को दे चुके है अंजाम

डॉक्टर बम Dr. bomb_socialaha.com

नई दिल्ली- देश के डॉक्टर बम कहे जाने वाले आतंकी जलीस अंसारी लापता हो गए है। आतंकी जलीस अंसारी साल 1993 में मुबंई धमाके का दोषी है। वह पैरोल पर था और अपने परिवारवालों से मिलने के लिए मुंबई गया था। लेकिन पैरोल खत्म होने से ठीक एक दिन पहले घरवालों ने पुलिस को बताया कि वो लापता हो गया है। अंसारी अग्रीपाडा थाने के अंतर्गत मोमिनपुर का रहने वाला है और उम्र कैद की सजा काट रहा है।

देशभर ने डॉक्टर बम ने 50 से ज्यादा बम धमाको को अंजाम दिया था। आप सोच रहे होगे की अंसारी को डॉक्टर बम क्यों कहा जाता है और उस पर क्या-क्या आरोप थे। तो आईए आपको इस सवाल का जवाब देते है।

यह भी पढ़ें- तारीख के बाद भी टली दोषियों की फांसी, निर्भया की मां ने केजरीवाल सरकार को ठहराया जिम्मेदार

आतंकी जलीस अंसारी को इसलिए डॉक्टर बम कहा जाता है क्योंकि वह एक क्वालिफाइड एमबीबीएस डॉक्टर है। लेकिन मरीज का इलाज करने के बजाय उसे बम धमाके में महारत हासिल थी। देश भर में उसने 50 से ज्यादा सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिए, जिसमें सैकड़ों निर्दोष लोगों की जानें गई। लिहाजा लोग उसे ‘डॉक्टर बम’ कहने लगे।

अंसारी इन दिनों अजमेर की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 5 और 6 दिसंबर को उसने राजस्थान में 6 अलग-अलग जगहों पर बम ब्लास्ट करवाया था, जहां कई लोगों की मौत हो गई थी। साल 1994 में पहली बार सीबीआई ने अंसारी को राजधानी एक्सप्रेस में बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

अंसारी पर बाबरी मस्जिद ढाहने के बाद पुणे में बम प्लांट करने का आरोप है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शहर के कई हिस्सों में बम लगाए थे। अंसारी ने मालेगांव के गिरना नदी में भी प्रयोग के तौर पर ब्लास्ट कराया था। इस केस में कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़ें- संसद पर होने वाले हमले को लेकर देवेंद्र सिंह की हो सकती है जांच

डॉक्टर बॉम सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था। और यही से उसने बम बनाना सिखा था। अंसारी को राजस्थान के अजमेर केंद्रीय कारागार से 21 दिनों के पैरोल पर रिहा किया गया था। शुक्रवार को उसे जेल प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करना था।

पैरोल की अवधि के दौरान अंसारी को रोजाना सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे के बीच अग्रीपाडा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था, लेकिन वो गुरुवार को निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा। अभी तक सुरक्षा एजेंसियों को जलीस अंसारी का कोई सुराग नहीं मिला है।

बता दें कि अंसारी के लापता की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा और महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते ने उसको पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *