20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में आपको क्या मिला, वित्त मंत्री ने समझाया !

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नई दिल्ली: कोरोना महामारी के संकट काल में पीएम मोदी ने मंगलवार को आर्थिक चोट खा रहे देशवासियों पर मरहम के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। इस पैकेज की जानकारी बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंशिक तौर पर दी। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार आज की जानकारी कुल तकरीबन 6 लाख करोड़ के पैकेज की थी, बाकी जानकारी वित्त मंत्री प्रतिदिन देंगी।


इस पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि कुटीर-लघु उद्योगों के लिए सरकार 6 बड़े कदम उठाएगी। उन्होंने MSME सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। MSME सेक्टर को बिना गारंटी के लोन मिलेगा। सरकार ने सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों की परिभाषा बदली। नई परिभाषा के तहत निवेश और सालाना टर्नओवर के नियम बदले।

MSME सेक्टर को क्या मिला

  • MSME सेक्टर को मूलधन नहीं चुकाना होगा
  • 100 करोड़ टर्नओवर वाले उद्योगों को फायदा
  • बिना गारंटी के MSME सेक्टर को लोन मिलेगा
  • 2 लाख छोटे कुटीर उद्योगों को इसका लाभ मिलेगा
  • फंड की कमी से जूझ रहे MSME के लिए 50 हजार करोड़ रुपये
  • चार वर्ष के लिए मिलेगा लोन, 12 महीने बाद चुकाना होगा
  • 1 से 5 करोड़ तक टर्न ओवर वाले सूक्ष्म उद्योग
  • 200 करोड़ तक कोई सरकरी टेंडर ग्लोबल नहीं होगा, MSME से खरीद करेंगे

15 हजार तक सैलरी वालों को मदद

  • 15 हजार की सैलरी वालों को 3 महीने की सरकार मदद मिलेगी।
  • ईपीएफ का 24% सरकार अगले तीन माह तक देगी।
  • सरकार के इस कदम से 3 लाख संस्थानों के 72 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
  • ईपीएफ अंशदन कम करने से कर्मचारियों के खाते में पैसे ज्यादा पहुंचेंगे।

NBFC के लिए लिक्विडिटी योजना

  • पैसों की कमी से जूझ रहे NBFC को ऋण के लिए सरकार गारंटर बनेगी।
  •  गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की मदद की जाएगी।

बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़

  • पैसों की कमी से जूझ रही बिजली कंपनियों को फायदा होगा।

सैलरीड क्लास को कितनी राहत ?

  • 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25% की राहत
  • टीडीएस में कटौती से लोगों के पास 50 हजार करोड़ रुपये आएंगे।
  • 2019-20 के लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाई गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “पीएम का लक्ष्य लोकल ब्रांड को ग्लोबल पहचान दिलाना है। आत्मनिर्भर भारत का मतलब यह नहीं कि दुनिया से अलग हो जाएं। पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत की सोच से देश में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आम बजट के बाद देश को कोरोना का बड़ा संकट झेलना पड़ा। 41 करोड़ जनधन खाते में भेजे। जिनके पास कार्ड नहीं, उन्हें अनाज दिया।”

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