इरफान पठान ने कहा अपने ‘प्यार’ को अलविदा, ‘स्विंग के किंग’ नाम से थे मशहूर !

इरफान पठान, Irfan Pathan Retirement- socialaha

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के शानदार ऑलराउंडरों में से एक इरफान पठान ने अपने 16 साल लंबे क्रिकेट करियर पर विराम लगाते हुए शनिवार को सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा की। पठान आखिरी बार 2 अक्टूबर 2012 को नीली जर्सी में खेलते दिखे थे उसके बाद से आज सात साल बाद 35 साल की उम्र में इरफान ने अपने प्यार को अलविदा कहने का फैसला लिया। कौन भूल सकता है विकेट लेने के बाद उनका ताली बजाकर अपील करने का अंदाज, कौन भूल सकता है उनकी वो हैट्रिक जब उन्होंने पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों को शून्य पर ही वापस पविलियन भेज दिया था। शायद इसीलिए वो अपने क्रिकेटिंग करियर में स्विंग के किंग कहे जाते थे।

‘अपने प्यार को छोड़ रहा हूं’

इरफान पठान ने ये ऐलान करते हुए कहा कि, ‘आज मैं क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले रहा हूं। यह मेरे लिए भावुक पल है, मैं अपने प्यार को छोड़ रहा हूं। लेकिन यह ऐसा पल है जो हर खिलाड़ी की जिंदगी में आता है। छोटी जगह से हूं और मुझे सचिन तेंडुलकर और सौरभ गांगुली जैसे महान खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला, जिसकी हर किसी को तमन्ना होती है।’

इस दौरान उन्होंने अपने सभी टीम के सदस्यों, कोचों, सपॉर्ट स्टाफ और फैन्स का धन्यावाद किया। उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी साथियों, कोचों और स्पॉर्ट स्टाफ का शुक्रिया करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे हमेशा सपॉर्ट किया। मैं उस खेल को ऑफिशली छोड़ रहा हूं, जो मुझे सबसे अधिक प्यारा है।’ अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए इरफान भावुक हो गए। इरफान बोले ने आगे कहा, ‘जिंदगी का सबसे खास लम्हा जब भारतीय टीम की कैप मिली, मैं क्या कोई भी क्रिकेटर उस लम्हे को नहीं भूल सकता, जब वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है।’

भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार प्रदर्शन

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कुल 301 विकेट लेने वाले इरफान पठान ने भारत के लिए ऐसे कई कीर्तिमान हासिल किए जिससे भारतीय तिरंगे के नाम रोशन हुआ है। पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में हैटट्रिक लेने वाला यह खिलाड़ी एक वक्त दिग्गज बल्लेबाजों के लिए खौफ हुआ करता था। गेंद को दोनों तरफ स्विंग करना इरफान का सबसे बड़ा हथियार रहा। इसके अलावा 2007 में भारत को टी-20 विश्व कप जीताने में भी उन्होंने योगदान निभाया। फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने शाहिद अफरीदी सहित 4 ओवरों में 16 रन देकर तीन विकेट झटके थे और प्लेयर ऑफ द मैच बने थे।

लंबे समय से था वापसी का इंतजार

इरफान पठान पिछले सात साल से लिमिटेड ओवर की टीम से बाहर थे और 11 साल से टेस्ट से। उन्होंने भारत के लिए सबसे पहले टेस्ट मैच खेला था। उन्होंने टेस्ट में साल 2003 में 12 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत के लिए उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच 5 अप्रैल 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला।

वनडे की बात करें तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 जनवरी 2004 को डेब्यू किया था और भारत के लिए आखिरी वनडे 4 अगस्त 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। वहीं उन्होंने टीम इंडिया के लिए पहला टी 20 मैच एक दिसंबर 2006 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ जबकि आखिरी मैच 2 अक्टूबर 2012 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था।

शानदार करियर की शुरुआत

भारत के लिए इरफान पठान ने 29 टेस्ट, 120 वनडे और 24 टी 20 मुकाबले खेले। उन्होंने 29 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिए और एक पारी में उनका बेस्ट प्रदर्शन 59 रन देकर 7 विकेट रहा वहीं एक टेस्ट में उनका बेस्ट प्रदर्शन 126 रन देकर 12 विकेट रहा। वनडे की बात करें तो उन्होंने 120 वनडे मैचों में 173 रन बनाए और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 27 रन देकर 5 विकेट रहा। वहीं 24 टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने कुल 28 विकेट लिए और उनका बेस्ट प्रदर्शन 16 रन देकर 3 विकेट रहा।

इरफान पठान का प्रदर्शन कुछ ऐसा रहा

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी इरफान पठान का प्रदर्शन शानदार रहा है। कई टीमों के लिए खेलने वाले इरफान पठान ने 103 मैच में 1139 रन बनाए और गेंद के साथ 33.11 के औसत से 80 विकेट अपने नाम किए थे।

बल्लेबाजी में मनवाया लोहा

अंतरराष्ट्रीय करियर में उनकी बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने 29 टेस्ट में 1105 रन बनाए थे जिसमें एक शतक भी शामिल था। टेस्ट में उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 102 रन की रही थी। वहीं 120 वनडे मैचों में उन्होंने 1544 रन बनाए थे। वनडे में उनकी बेस्ट पारी 83 रन थी वहीं 24 टी 20 172 रन बनाए थे। T20I में उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 33 रन था।

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