NCRB ने जारी किए 2018 के आंकड़े, महिलाओं के खिलाफ इतने हुए अपराध

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नई दिल्ली- भारत एक ऐसा देश है जहां रोज 80 मर्डर, 289 किडनैप और 91 रेप की घटनाएं होती हैं। 100 रेप के केस में मात्र 27 में सजा होती है। यह हम नही कह रहे है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के द्वारा रिर्पोट जारी की गई है। यह आंकड़े 2018 का है।

2018 के आंकड़े के अनुसार कुल 50,74,634 संज्ञेय अपराधों में 31,32,954 मामले भारतीय दंड संहिता के तहत और 19,41,680 मामले विशेष एवं स्थानीय कानून के तहत अपराध की श्रेणी में दर्ज किए गए जबकि 2017 में यह संख्या 50,07,044 थी।

आप सोच रहें होंगे की संज्ञेय अपराध किसी कहते है। दरअसल संज्ञेय अपराध या मामला वो होता है जिसके संबंध में पुलिस थाना प्रभारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना जांच कर सकता है और वारंट के बगैर गिरफ्तारी कर सकता है। 2018 और 2017 के दौरान हत्या के मामले में 1.3 का इजाफा हुआ। 2018 के दौरान हत्या के 29,017 मामले जबकि 2017 में 28,653 मामले दर्ज किए गए थे।

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आंकड़ों के अनुसार 2018 के दौरान हत्या के मुख्य वजहों में 9,623 मामलों में ‘विवाद’, इसके बाद 3,875 मामलों में ‘निजी रंजिश या दुश्मनी’ और 2,995 मामलों में ‘फायदा हासिल करना’ रहा।

अगर वर्ष 2018 के आपराधिक मामलों के आंकड़ों की तुलना साल 2017 के आंकड़ों से की जाए तो बीते साल इसमें 1.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि प्रति लाख क्राइम दर 2017 के 388.6 फीसदी से घटकर 2018 में 383.5% हो गई। एनसीआरबी के अनुसार 2018 में अपहरण के मामलों में 10.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ और इस संबंध में 1,05,734 प्राथमिकीयां दर्ज की गईं जबकि 2017 में ऐसे 95,893 मामले दर्ज किए गए और 2016 में यह संख्या 88,008 रही।

2018 के आंकड़े के अनुसार अपहरण के कुल 1,05,536 (24,665 पुरूष और 80,871 महिलाएं) दर्ज किए गए जिनमें से 63,356 (15,250 पुरूष और 48,106 महिलाएं) बच्चे और 42,180 (9,415 पुरूष एवं 32,765 महिलाएं) वयस्क थे। एनसीआरबी के अनुसार 2018 के दौरान 92,137 अपहृत व्यक्तियों (22,755 पुरूष और 69,382 महिलाओं) को बरामद कर लिया जिनमें से 91,709 को जीवित और 428 को मृत बरामद किया गया.

2018 में ‘महिलाओं के खिलाफ अपराध’ की श्रेणी में 3,78,277 मामले दर्ज किए गए थे जो 2017 के 3,59,849 और 2016 के 3,38,954 मामलों से अधिक है। 2018 में आईपीसी की धारा 376 के तहत बलात्कार के मामलों की संख्या 33,356 रही। आंकड़े के अनुसार 2017 में बलात्कार के 32,559 मामले दर्ज किए गए थे जबकि 2016 में यह संख्या 38,947 थी।

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एनसीआरबी के अनुसार 2017 (50,07,044 मामलों) की तुलना में अपराध की कुल संख्या में 1.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ, प्रति लाख की आबादी पर अपराध दर में हालांकि 2017 (388.6) की तुलना में 2018 में (383.5) कमी आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एनसीआरबी भारतीय दंड संहिता और विशेष एवं स्थानीय कानून के तहत देश में अपराध के आंकड़ों को एकत्रित करने तथा विश्लेषण के लिए जिम्मेदार होता है।

भारत में अपराध 2018 पर आई एनसीआरबी की रिपोर्ट के अस्वीकरण अनुभाग में कहा गया है कि अभी पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, मेघालय, सिक्किम और कोलकाता शहर से लंबित आंकड़ों पर स्पष्टीकरण आना बाकी है। इसलिए इन राज्यों और शहरों के आंकड़ों को अनंतिम माना जा सकता है।

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