रेपिस्टों पर चुप्पी, महिलाओं की पिटाई- क्या यही है इंसाफ !

संसद मार्च

नई दिल्ली-  महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और बलात्कार को रोकने के लिए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल आमरण अनशन पर बैठी। आज उनके आमरण अनशन का 10वां दिन है। आज उनके सर्मथकों ने संसद मार्च निकाला। इस मार्च में महिला, पुरुष, बुजुर्ग, और एसिड अटैक महिलाएं भी शामिल थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिसकार्मियों ने अपना बल महिलाओं पर भी दिखाया। इस मार्च के दौरान कई लोगों को चोट लगी। पुलिस ने आज अपने बल का प्रयोग लोगों पर जमकर किया।

कई प्रदर्शनाकरियों को पुलिस ने जूते व मुक्कों से मारा है पुलिस ने आज ना पुरुष देखा ना महिला हर किसी को उन्होंने अपना शिकार बनाया। देश में महिला सुरक्षा के नारे लग रहें है लेकिन पुलिस ही देश की बच्चियों और महिला पर हाथ उठा रही है। स्वाति मालीवाल आमरण अनशन पर 6 महीने के भीतर बलात्कारियों को सजा की मांग के लिए बैठी हैं स्वाति के समर्थकों का कहना हैं कि स्वाति 10 दिन से आमरण अनशन पर बैठी है लेकिन लग रहा हैं सरकार सो रही है वो सरकार को जगाने के लिए संसद मार्च निकाल रहें है।
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हाथ में चूड़ियां लिए प्रदर्शनकारी ने शांति पूर्वक मार्च निकला यह मार्च राजघाट से शुरू हुआ। मार्च को दिल्ली गेट पर रोक दिया गया। दिल्ली गेट पर भारी पुलिस बल तैनात थी और पुलिस ने बैरिकेट लगा रखे है। लोग बैरिकेट को देखकर गुस्से मे आ गया। प्रदर्शकारियों ने पुलिस पर चुड़ीयां फैकनी शुरू की और फिर लोग बैरिकेट की दूसरी तरफ कूदने लगें। प्रदर्शकारियों ने जमकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे बाज़ी की।

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देखकर ऐसा लगा की पुलिस को लोगों का प्रदर्शन देख गुस्सा आ गया जिसके बाद पुलिस ने ना पुरुष देखे ना महिला जो हाथ मे आया उसके ऊपर बल का प्रयोग करने लगे। साथ ही मार्च मे शामिल महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने महिलाओं को गंदी गंदी गाली भी दी। एक तरफ देश में महिलाओं सुरक्षा के नारे लग रहें है और दूसरी तरफ लोग की सुरक्षा करने वाली पुलिस ही महिलाओं पर अपने बल का प्रयोग कर रही है। जब देश की पुलिस ही महिलाओं के साथ ऐसा वहवार करेंगी तो महिलाएं किसे सुरक्षा की मांग करेंगी।
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देश मे खुले घुम रहें आपराधियों को तो पुलिस पकड़े मे नाकाम दिख रही हैं और शांतिपूर्वक मार्च कर रहें लोगों पर अपना बल आज़मा रही है, और प्रशासन को इस बात की कोई सुध नहीं है वो तो नागरिकता संशोधन बिल का जश्न माना रही है।